Patwari Kaise Bane | योग्यता, पात्रता और तैयारी कैसें करें?

पटवारी या लेखपाल एक ऐसा पद है, जो जनता की सेवा करने के लिए बनाया गया है | इससे पहले कि हम यह जाने  Patwari Kaise Bane? हम यह जान लेते हैं कि पटवारी या लेखपाल क्या होता है।

ग्राम स्तर के राजस्व अधिकारी को पटवारी लेखपाल कहा जाता है | अलग-अलग स्थानों पर इन्हें अलग-अलग नामों से बुलाया जाता है, उत्तर प्रदेश में इन्हें लेखपाल कहा जाता है | कई जगहों पर इन्हें कारनाम अधिकारी कहा जाता है |

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के द्वारा यह प्रशासनिक पद निर्धारित किया गया है | यह राजस्व अधिकारी अपने लेवल पर भूमि संबंधी विवादों का निपटारा करते हैं | इसके अलावा भूमि का सीमांकन, म्यूटेशन, विरासत, हैसियत प्रमाण पत्र, जाति, आय, निवास, आपदा जैसे अन्य प्रमाण पत्रों को जारी करने का काम करते हैं | जिन क्षेत्रों में इनकी नियुक्ति होती है, उन क्षेत्रों का निरीक्षण करना भी इन्हीं लेखपाल या पटवारी का कार्य है |

इसके अलावा पटवारी ग्राम से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं और प्रार्थना पत्रों पर भी तहसीलदार को प्रतिवेदन प्रेषित करते हैं | यह अपने क्षेत्र में आने वाली कुल भूमि का रिकॉर्ड भी रखता है। अगर अंग्रेजी में कहें तो पटवारी को ग्रुप सी का अफसर माना जाता है |भारत के सभी राज्यों में नियुक्ति पटवारी जो सरकारी पद है, इसे पूरे भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि निगरानी के लिए नियुक्त किया जाता है | हम आपको बता दें कि इस लेख में आप भविष्य में पटवारी बनने की तैयारी के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

कैसे बने पटवारी

भारत के ग्रामीण विभाग में प्रशासन व्यवस्था को लागू करने के लिए विभिन्न विभागों में पटवारी की नियुक्ति की जाती है | जैसा कि हम सभी जानते हैं, ग्रामीण विभाग के अधिकतर कार्य ग्राम प्रशासन या ग्राम पंचायत के माध्यम से होते हैं, पर राज्य सरकार के राजस्व विभाग से संबंधित कार्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक ग्रामीण इलाके में एक पटवारी को नियुक्त किया जाता है।

पटवारी राज्य में नियुक्त सेक्शन सी पद का अधिकारी होता है | जिसका कार्य भूमि संबंधी हिसाब किताब रखना, जमीन की खरीद बिक्री से संबंधित व्यवहार का रिकॉर्ड रखना, राजस्व से संबंधित सूचना जारी करना अथवा राजस्व वसूल करना और साथ ही आय प्रमाण पत्र देने का कार्य भी करता है | भारत में वैसे तो यह व्यवस्था शेरशाह सूरी के काल से शुरू हुई थी, लेकिन समय के हिसाब से इस पद का नाम अलग हुआ | और इसे भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है | साथ ही भारत में पंचायती राज लागू होने के बाद पटवारी पद और इसके कार्य क्षेत्र में काफी सारे बदलाव किए गए हैं।

पटवारी पद के लिए पात्रता

हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि किसी भी राज्य में पटवारी पद के लिए भारत सरकार के माध्यम से कुछ पात्रता नियोजित की गई है | यहाँ पर हम उन्हें नियोजित पात्रता मानदंडों के बारे में बता रहे हैं।

  • यदि कोई उम्मीदवार पटवारी पद के लिए आवेदन करना चाहता है, तो उसके पास स्नातक की डिग्री होना आवश्यक है | कुछ समय पहले पटवारी पद के लिए केवल बारहवीं कक्षा का उत्तीर्ण होना आवश्यक माना जाता था | परंतु अब भारत के अधिकतर राज्यों में उम्मीदवार को ग्रेजुएशन की डिग्री में 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • यदि कोई पटवारी पद के लिए आवेदन करना चाहता है, तो इसके लिए उसके पास कम से कम 1 वर्ष का कंप्यूटर डिप्लोमा होना आवश्यक है।
  • कुछ राज्यों में प्रशासन द्वारा कंप्यूटर से संबंधित मान्यता प्राप्त कोर्स को उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है | यहां पर जिन छात्रों ने कंप्यूटर से जुड़े शिक्षण क्रम जैसे बीसीए, बीसीए इन कंप्यूटर इत्यादि में यदि स्नातक परीक्षा को उत्तीर्ण किया है, तो उन उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी | इसके अलावा उन्हें किसी भी तरह के कंप्यूटर डिप्लोमा व अन्य कोर्स को पूरा करने की भी जरूरत नहीं रहेगी।
  • पटवारी के लिए आवेदन करते समय उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष से 35 वर्ष के बीच में होनी चाहिए | इसके अलावा समाज में आरक्षित वर्ग को उनकी योग्यता के आधार पर आरक्षण प्रदान किया गया है।

पटवारी Exam Pattern 2022

यदि आप पटवारी पद के लिए तैयारी करना चाहते हैं, तो आपको इसकी परीक्षा के बारे में पता होना चाहिए | हम आपको बता दें कि पटवारी पद के लिए मुख्य रूप से दो भागों में परीक्षा ली जाती है | जिसमें लिखित परीक्षा और साक्षात्कार परीक्षा शामिल है, जो उम्मीदवार पटवारी लिखित परीक्षा को पास कर लेते हैं, उन्हें बाद में साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।

पटवारी एग्जाम सिलेबस

यदि आप पटवारी की परीक्षा देने जा रहे ,हैं तो आपको संस्था के द्वारा निर्धारित किया गया लिखित परीक्षा का सिलेबस मालूम होना चाहिए | हम आपको बता दें कि पटवारी की लिखित परीक्षा में सामान्य ज्ञान सामान्य हिंदी, गणित और ग्राम समाज और विकास से जुड़े 25 – 25 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे | इसके अलावा परीक्षा के माध्यम और भाषा में अंतर हो सकता है | हम आपको बता दें कि सामान्य हिंदी की जगह आपसे स्थानीय भाषा में भी प्रश्न पूछे जा सकते हैं | परीक्षा की तैयारी करते वक्त आपको इस बात का मुख्य रूप से ध्यान रखना चाहिए।

पटवारी परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था

भारत के अलग-अलग राज्यों में बहुत सारे ग्रामीण क्षेत्र हैं | इन ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ग्रामीण विभाग और गांव भी मौजूद है | हम आपको बता दें कि 1 गांव या गांव समूह के लिए पटवारी को नियुक्त किया जाता है | गांव के समूह को साजा कहा जाता है | ऐसा ही कुछ शब्द प्रयोग पटवारी के दफ्तर में किया जाता है | जिसे आम भाषा में साझा कहा जाता है |

प्रत्येक जिले में जिला चयन समिति के अंतर्गत पटवारी पद हेतु भर्ती प्रक्रिया के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं | जिसको संबंधित जिले का जिला अधिकारी नियंत्रित और देखरेख में संपन्न करवाता है | हालांकि भारत के अलग-अलग राज्यों में इस प्रक्रिया में थोड़ा बहुत अंतर होता है | फिर भी कुछ राज्यों में स्वतंत्र बोर्ड या समिति के द्वारा पटवारी पदों की चयन प्रक्रिया को पूरा किया जाता है |

उम्मीदवारों से निवेदन है कि आप जिस राज्य या जिले के निवासी हैं उस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पटवारी भर्ती संबंधी जानकारी को आप संबंधित राज्य या जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं | इस संबंधी विज्ञापन भी आप अखबार में पढ़ सकते हैं | इसके अलावा आप अपने पास जानकारी से जुड़े संसाधनों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं |

पटवारी परीक्षा का पाठ्यक्रम क्या है?

पटवारी परीक्षा की तैयारी के लिए हम आपको परीक्षा का पाठ्यक्रम बता रहे हैं | इससे आपको अपने परीक्षा के लिए एक निर्धारित पाठ्यक्रम मिल जाएगा।

  • ग्राम समाज और विकास पाठ्यक्रम के अंतर्गत ग्राम प्रबंधन, ग्राम विकास, ग्राम स्वास्थ्य योजनाएं ग्राम समाज, ग्राम विकास अनुसंधान और परियोजना के बारे में पूछा जाता है |
  • गणित में उम्मीदवारों से द्विघात समीकरण, लघुत्तम समापवर्तक, महत्तम समापवर्तक, त्रिभुज और पाइथागोरस प्रमेय, वृत , आयात इत्यादि के बारे में पूछा जाता है |
  • सामान्य ज्ञान के अंतर्गत उम्मीदवारों से लिखित परीक्षा में भारतीय इतिहास, जिसमें भारतीय राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता आंदोलन, भारत का वित्तीय सामाजिक धार्मिक और राजनीतिक इतिहास पूछा जाता है | इसके अलावा आर्थिक, सामाजिक जनसांख्यिकीय या परिस्थितिकी संबंधी भारत और विश्व का भूगोल इत्यादि भी पूछा जाता है | हम आपको बता दें कि अर्थशास्त्र के भीतर भारतीय प्रशासन व्यवस्था, भारतीय राजनीति शास्त्र और अंतरराष्ट्रीय महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में भी आपको तैयारी करनी चाहिए |
  • सामान्य हिंदी यहां पर आपको राज्य के हिसाब से भाषा में बदलाव मिलेगा | जैसे आप हिंदी में वचन काल, अलंकार, मुहावरे, इत्यादि की तैयारी कर सकते हैं | साथ ही मराठी, कन्नड़, मलयालम, तेलुगु गुजराती में भी | आपको वहां की हिंदी या मातृभाषा से जुड़ी संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए |

पटवारी के प्रशासनिक कार्य

  • पटवारी का मुख्य कार्य होता है, जिस स्थान पर उसे नियुक्त किया गया है, उस स्थान की समय-समय पर सरकार को जानकारी भेजना |
  • पटवारी आय तथा जाति संबंधी प्रमाण पत्रों को बनवाने का कार्य करता है |
  • गांव में उपलब्ध कृषि संबंधी भूमि का क्षेत्रफल और लक्ष्य इत्यादि का रिकॉर्ड रखना भी पटवारी का कार्य है |
  • गांव में किसी भी तरह निर्मित आपदा की जानकारी और मौजूदा हालात से सरकार को अवगत कराना पटवारी का कार्य है |
  • किसी भी प्रकार की भूमि से संबंधित खरीद बिक्री या उससे जुड़ी बातों का हिसाब किताब भी पटवारी के द्वारा किया जाता है |
  • गांव में आने वाली कृषि भूमि और लोगों के निवास की भूमि की संपूर्ण जानकारी पटवारी रखता है | इसके अलावा किसानों को फसल की बीमा का लाभ पहुंचाना भी पटवारी का कार्य होता है।

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